केंद्र सरकार देश के शहरी क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क के तेजी से विस्तार पर जोर दे रही है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एलपीजी सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के बीच पीएनजी नेटवर्क को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक ही जगह सभी प्रकार की मंजूरी प्रणाली, शहरी नियोजन में गैस पाइपलाइन का एकीकरण और अंतिम-छोर तक 'कनेक्टिविटी' में सुधार सहित प्रमुख प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी, राज्य प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में 50 लाख नए पीएनजी (पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस) कनेक्शन प्रदान करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का उल्लेख किया।
पीएनजी विस्तार की प्रमुख बाधाओं को खत्म करने पर भी सरकार का जोर
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अधिकारियों ने देश में पीएनजी विस्तार को धीमा करने वाली प्रमुख बाधाओं का जिक्र किया, जिनमें नगरपालिका अनुमतियों में देरी, मार्ग अधिकार (आरओडब्ल्यू) अनुमोदन और उच्च बहाली यानी मरम्मत शुल्क शामिल हैं। राज्यों ने ऐसे शुल्कों को युक्तिसंगत बनाने या माफ करने तथा समयबद्ध मंजूरी प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता बतायी। शहरी क्षेत्रों में मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) से पीएनजी में चरणबद्ध परिवर्तन पर व्यापक सहमति है। सेवा व्यवधानों से बचने के लिए उपभोक्ता जागरूकता उपायों का समर्थन किया गया है।
पीएनजी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत
मनोहर लाल ने पीएनजी कवरेज के विस्तार के लिए मिशन-आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और आर्थिक विकास के इंजन के रूप में शहरों की भूमिका पर जोर दिया। हरदीप पुरी ने बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य का जिक्र किया और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए पीएनजी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत बतायी। पेट्रोलियम मंत्री ने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों को विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां बुनियादी ढांचा पहले से ही उपलब्ध है, पीएनजी को अपनाने को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने को कहा। एलपीजी व्यवधानों से उत्पन्न चिंताओं पर, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आवश्यक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने, गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने और कालाबाजारी को रोकने पर जोर दिया।